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डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के पà¥à¤°à¤•ार (Types of depression) :-
1. मेजर डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (Major Depression)
अगर आप सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ में हर दूसरे दिन डिपà¥à¤°à¥‡à¤¸ फील करें तो इसे मेजर डिपà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤µ डिसऑरà¥à¤¡à¤° कहा जाता है. à¤à¤¸à¥‡ में लोग हर दूसरे दिन उदास महसूस करते हैं. अगर अनà¥â€à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की बात करें तो इनमें रà¥à¤šà¤¿ या दैनिक गतिविधियों की कमी, वजन तेजी से कम होना या तेजी बढ़ना, नींद न आना, बेचैनी और उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ महसूस करना, हर वकà¥â€à¤¤ थका हà¥à¤† महसूस करना, गिलà¥â€à¤Ÿ फील करना, आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾ के विचार और हर वकà¥â€à¤¤ हारा हà¥à¤† जैसा महसूस करना लगता है. अगर इनमें से 5 लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ आपमें हैं तो डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें.
2. मेलानकॉलिक डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (Melancholic Depression)
यदि आपको मेलानकॉलिक डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (Melancholic Depression) है तो सà¥à¤¬à¤¹ उठने के ठीक बाद आपमें मेजर डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ नजर आà¤à¤‚गे. यह सेहत के लिठऔर à¤à¥€ खतरनाक हो सकता है.
3. परà¥à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट डिपà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤µ डिसऑरà¥à¤¡à¤° (Persistent depressive disorder)
अगर आप दो साल या उससे अधिक समय से अवसाद में हैं तो आप लगातार परसिसटेंट डिपà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤µ डिसऑरà¥à¤¡à¤° से पीड़ित हैं. इस डिसऑरà¥à¤¡à¤° में दो सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होती हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डिसà¥à¤Ÿà¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ और कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• मेजर डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ कहा जाता है. à¤à¤¸à¤¾ होने पर या तो à¤à¥‚ख बिलकà¥à¤² नहीं लगती या जरूरत से अधिक खाने लगते हैं. इसके अलावा नींद à¤à¥€ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ या बहà¥à¤¤ कम हो जाती है. कमजोरी, सेलà¥â€à¤« हेटनेस, लो कॉनसनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨, निराशा आदि महसूस होता है.
4.बाइपोलर डिसऑरà¥à¤¡à¤° (Bipolar disorder)
बाइपोलर डिसऑरà¥à¤¡à¤° में मूड में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. यह à¤à¤¯à¤¾à¤¨à¤• डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का रूप à¤à¥€ ले सकता है. à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मेडिकेशन जरूरी होती है.
5. सीजनल अफेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ डिसऑरà¥à¤¡à¤° (Seasonal affective disorder- SAD)
सीजनल अफेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ डिसऑरà¥à¤¡à¤° अकà¥à¤¸à¤° सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के महीनों में देखने को मिलता है. जबकि गरà¥à¤®à¥€ या अनà¥â€à¤¯ खà¥à¤¶à¤—वार मौसम में इससे राहत रहती है. इन मरीजों को डाकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के बाद दवाई लेना मददगार साबित होता है और थेरेपी à¤à¥€ हेलà¥â€à¤ªà¤«à¥à¤² होती है.
6. साइकोटिक डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ साइकोटिक डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (Psychotic Depression)
à¤à¤¸à¥‡ लोग मानसिक अवसाद से घिरे होते हैं जो किसी घटना की वजह से à¤à¥€ हो सकता है. इसके लकà¥à¤·à¤£ हैं अजीब-अजीब से सपने आना, à¤à¥à¤°à¤® होना, पागलपन आदि. इनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ दवाओं की मदद से ठीक किया जा सकता है.
7. पोसà¥à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ या पोसà¥â€à¤Ÿ डिलीवरी डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (Postpartum Depression)
कई महिलाओं को बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के बाद महीनों तक अवसाद होता है जो कई बार मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ की सेहत को à¤à¥€ नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है. इसका सबसे बेहतर उपाय है परिवार का साथ, केयर और पà¥â€à¤¯à¤¾à¤°. इनके अà¤à¤¾à¤µ में ही महिलाà¤à¤‚†डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की शिकार हो जाती हैं.
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